HackerTrans
トップ新着トレンドコメント過去質問紹介求人

91706863

no profile record

コメント

91706863
·6 か月前·議論
उड़ती हुई मछली एक हरे-भरे गाँव के पास एक साफ़ और चमकती हुई नदी बहती थी। उसी नदी में रहती थी एक छोटी सी मछली, जिसका नाम था मीना। मीना बाकी मछलियों से थोड़ी अलग थी। उसे पानी में तैरना तो अच्छा लगता ही था, लेकिन उसे आसमान भी बहुत आकर्षित करता था। वह अक्सर नदी के ऊपर उड़ते पक्षियों को देखती और सोचती, “काश! मैं भी उड़ पाती।” नदी की बाकी मछलियाँ मीना की बात सुनकर हँसती थीं। वे कहतीं, “मछली कभी उड़ नहीं सकती, मीना! हमारा घर पानी है।” लेकिन मीना हार मानने वालों में से नहीं थी। वह हर दिन पानी से ऊपर छलांग लगाने की कोशिश करती। एक दिन तेज़ हवा चल रही थी और नदी की लहरें ऊँची उठ रही थीं। मीना ने हिम्मत जुटाई और ज़ोर से छलांग लगाई। अचानक हवा ने उसे सहारा दिया और वह कुछ पल के लिए पानी के ऊपर उड़ने लगी। नीचे नदी, किनारे पेड़ और ऊपर नीला आसमान—सब कुछ कितना सुंदर लग रहा था! मीना खुशी से झूम उठी। वह सच में उड़ रही थी! थोड़ी देर बाद वह धीरे से फिर पानी में लौट आई। बाकी मछलियाँ हैरान रह गईं। उन्होंने अपनी आँखों से मीना को उड़ते हुए देखा था। अब कोई मीना पर हँसता नहीं था। सब उसे बहादुर मछली कहने लगे। मीना समझ गई कि सपने देखने और कोशिश करने से ही कुछ नया संभव होता है। उस दिन के बाद मीना रोज़ छोटी-छोटी उड़ानें भरती और बच्चों को यह सिखाती कि अगर सच्चे मन से कोशिश की जाए, तो असंभव भी संभव बन सकता है।